Ambalika sharma

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*** क्यूँ ***
क्यूँ समझते नही वो जिन्हें हम समझाना चाहते हैं? क्यूँ दूर चले जाते हैं जिन्हे अपनाना चाहते हैं? अक्सर राहें बदल देते है साथ चलने वाले, जब निभाना ही नही रिश्ता तो क्यूँ झूठे सपने दिखना चाहते है? ये मोहब्बत इबादत होती है कहते हैं लोग, फिर क्यूँ नफ़रत को अपनाकर मोहब्बत से पीछा छुड़ाना चाहते है? जिन लोगों की एहमियत समझते नहीं हम, वो ही जाने क्यूँ हर मोड़ पर रिश्ता निभाना चाहते है? आवाज़ होती नही दर्द मे हर किसी के, पर सबसे खामोश रहते है जो,मन ही मन वही दर्द अपना सुनाना चाहते है|

Date : 2016-06-27 14:44:44   Like (1) Unlike (0)

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